प्रिंटर के प्रमुख प्रकार | प्रिंटर से संबंधित समस्याएं और समाधान
जब हम प्रिंटर की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में एक साथ दो या तीन छवियां उभरती हैं। हमारे देश में तीन तरह के प्रिंटरों का इस्तेमाल होता है। ऑफिसों में डॉट मैट्रिक्स और इंकजेट प्रिंटर तथा कमर्शियल कार्यों में जैसे कि डीटीपी आदि क्षेत्र में लेज़र और रंगीन इंकजेट प्रिंटरों का प्रयोग होता है। इन्ही प्रिंटरो के प्रमुख प्रकार और उसमे होने वाली प्रॉब्लम और समाधान के बारे में हम आपको जानकारी देने वाले है ।
आइए सबसे पहले डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर के बारे में जानें।
डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर ( DOT MATRIX PRINTER)
इस प्रिंटर को संक्षेप में डीएमपी (DMP) भी कहा जाता है। आकार में यह दो तरह का होता है और गुणवत्ता में भी यह दो भागों में बंटा हुआ है। जब हम इसके आकार के बारे में बात करते हैं तो यह 80 कॉलम और 132 कॉलम के आकार में आता है।
![]() |
| DOT MATRIX PRINTER |
80 कॉलम का डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर देखने में छोटा होता है जबकि 132 कॉलम का डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर बड़ा होता है। डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर में प्रिंटिंग का कार्य पिनों के द्वारा होता है। यह पिन एक कपड़े के बने रिबन के ऊपर जब दबाव डालती हैं तो उसके परिणामस्वरूप कागज पर छपाई का काम शुरू हो जा है।
डॉट मेट्रिकस प्रिंटर से सम्बंधित समस्याये एवं समाधान
डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर को इस्तेमाल करने के लिए आप उसे लगी अपने कंप्यूटर के पैरलल पोर्ट से जोड़ दें। पैरलल पोर्ट से कंप्यूटर को जिस माध्यम से जोड़ा जाता है उसे प्रिंटर केबल कहते हैं। प्रिंटर केबल के एक सिरे को पैरलल पोर्ट से जोड़ा जाता है और दूसरे सिर को प्रिंटर में जुड़ी हुई इंटरफेस से जोड़ा जाता है। चित्र में आप इन दोनों सिरों को देखकर समझ सकते हैं कि इनमें बनावट में क्या अंतर है और आपको किस सिरे को कहां पर जोड़ना है -
- जिस समय आप प्रिंटर को कंप्यूटर से जोड़ें कंप्यूटर और प्रिंटर दोनों में विद्युत प्रवाह बंद होना चाहिए। प्रिंटर जोड़ने के पश्चात आप अपने कंप्यूटर को ऑन करें और जब आपका कंप्यूटर बूट होकर कमांड प्रॉम्प्ट या page स्थिति में आ जाए जहां Q आप काम कर सकते हैं तो प्रिंटर को ऑन करें।
- जैसे ही आप प्रिंटर का ऑन ऑफ स्विच ऑन करेंगे तो प्रिंटर का हैड इधर-उधर घूमेगा और कुछ ही देर में प्रिंटर इनीसिलाइज़ हो जाएगा।
- अगर आप डॉस माध्यम में काम कर रहे हैं तो C प्रॉम्प्ट में जाकर आप सीधे प्रिंट कमांड (DIR >PRN) देकर प्रिंटर की जांच कर सकते हैं, कि वह आपके कंप्यूटर से ठीक से जुड़ा है या नहीं।
- यदि आप प्रिंटर की जांच बिना कंप्यूटर के करना चाहें तो उसका सेल्फ टेस्ट लेकर यह कार्य कर सकते हैं।
- सेल्फ टेस्ट में कंप्यूटर को प्रिंटर से जोड़ने की जरूरत नहीं होती है उसमें केवल स्टेशनरी लगाने की जरूरत होती है। इसके बाद आप उसके मुख्य ऑन स्विच थोड़ी देर तक दबाए रखें सेल्फ टेस्ट प्रारंभ हो जाएगा। प्रिंटर के निर्माता के अनुसार सेल्फ टेस्ट लेने का तरीका अलग-अलग होता है। इसलिए आप प्रिंटर के साथ आए मैनुअल को इस संबंध में अवश्य पढ़ लें।
- डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर में छपाई करते समय एक रिबन का इस्तेमाल होता है जब आप अपने प्रिंटर में रिबन बदलें तो इसे बहुत ही सावधानीपूर्वक हटाएं और दोबारा से नया रिबन सावधानीपूर्वक ही लगाएं ।
- प्रिंटर में लगा हुआ यह रिबन एक कपड़े का बना होता है और इसके ऊपर स्याही की कोडिंग होती है। आप हमेशा ओरिजनल रिबन ही इस्तेमाल करें ।
- यदि आप स्वयं ही इस रिबन को स्याही से रंगने की कोशिश करेंगे तो हो सकता है कि आपके प्रिंटर का हेड खराब हो जाए।
- इसके द्वारा की गई प्रिंटिंग आपको पता है पिनों के द्वारा संपन्न होती है। कई बार ऐसा होता सकता है कि कुछ अक्षर अधूरे और स्पष्ट छपे । ऐसी दशा में आप तुरंत ही हार्डवेयर इंजीनियर से संपर्क करें । प्रिंटर की हेड की जांच कराएं। कई बार रिबन बदलने से इस समस्या का समाधान हो जाता है।
- यदि रिबन बदलने से इस समस्या का समाधान न हो तो आप इसके हेड की जांच कराएं। चूंकि इसका हेड एक मैकेनेज़्म पर घूमता है इसलिए आप इसकी सपोर्टिंग राड को कपड़े से कुछ दिनों है से बाद साफ करते रहें ।
- डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर के हेड में धूल और गंदगी इत्यादि न जाए आप उसको हमेशा ढक कर रखें। पेपर लोड और इजेक्ट करने के बटन बहुत ही संवेदनशील होते हैं। इसलिए इनका इस्तेमाल सावधानी पूर्वक करें ।
- अगर प्रिंटर पेपर इजेक्ट और लोड करने के ऑटोमेटिक सुविधा से लैस है तो ऑन करते समय आप कभी भी यह काम मैनुअल न करें। इसे प्रिंटर को स्वयं करने दें।
- यदि आपका प्रिंटर जंक करेक्टर छाप रहा होता है तो इस बात की जांच करने के लिए क्या प्रिंटर खराब है या ठीक । आप पहले प्रिंटर का सेल्फ टेस्ट लें यदि सेल्फ टेस्ट ठीक आ रहा है तो आप प्रिंटर और कंप्यूटर को जोड़ने वाली केबल को बदल लें।
- कई परिस्थितियों में कंप्यूटर द्वारा कमांड देने पर यदि प्रिंटर काम न करें तो आप बायोस सेटअप में जाकर प्रिंटर की उस पोर्ट को सेट करें जिसकी उसे आवश्यकता है। सामान्य परिस्थितियों में ECP या EPP प्रिंटर पोर्ट का इस्तेमाल इस कार्य में होता है ।
- अगर आपके पास विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम है तो किसी भी प्रिंटर को इस्तेमाल करने के पहले प्रिंटर ड्राइवर को इंस्टॉल करना आवश्यक है। प्रिंटर का ड्राइवर प्रिंटर के साथ एक सीडी या फ्लॉपी डिस्क में आता है। प्रिंटर को कंप्यूटर से जोड़ने के बाद जब आप कंप्यूटर को ऑन करेंगे तो प्लग-एंड-प्ले की क्षमता से विंडोज प्रिंटर को स्वयं ही खोज लेगी और आपसे उस 'डिस्क को लगाने की मांग करेगी जो प्रिंटर के साथ आई है।
- यदि प्रिंटर की खोज विंडोज़ नहीं कर पाती है तो आप कंट्रोल पैनल में जाकर ऐड न्यू हार्डवेयर विजार्ड को सक्रिय करें और वहां से मॉडल के अनुसार प्रिंटर का चुनाव करें। चित्र में आप मॉडल के अनुसार प्रिंटरों को देख सकते हैं -
- नौ पिन के डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर्स के संदर्भ में आप एप्शन का कोई भी नौ पिन प्रिंटर ले हैं और इसे इंस्टॉल कर सकते हैं।
- इसी तरह से 24 पिन प्रिंटरों के संदर्भ में आप एप्शन का 24 पिन प्रिंटर ड्राइवर स्लेक्ट करके इसे विंडोज के तहत इस्तेमाल कर सकते हैं।
- यदि आप 132 कॉल का डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे उस मेज पर अच्छी तरह से रखें जिस पर कंप्यूटर रखा हुआ है। क्योंकि 132 कॉलम का हाई स्पीड डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर चलते समय काफी हिलता है। तो ऐसी अवस्था है तो कंप्यूटर और प्रिंटर की मेज अलग अलग कर दें ।
- कंप्यूटर और प्रिंटर को विद्युत आपूर्ति सोर्स एक होने चाहिए अर्थात आप जिस यूपीएस से विद्युत आपूर्ति सप्लाई कर रहे हैं उसी यूपीएस से आप प्रिंटर को भी जोड़ें जिसे कि छपाई बिना किसी व्यवधान के चलते रहे । तो यह थे डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर के संबंध में कुछ रखरखाव के बारे में जानकारी ।
इंकजेट प्रिंटर (INKJET PRINTER)
इंकजेट प्रिंटर विंडोज इनवायरमेंट में बहुत ही सफलतापूर्वक इस्तेमाल किए जाते हैं। वैसे आप इन्हें डॉस माहौल में भी प्रयोग कर सकते हैं। इंकजेट प्रिंटर कीमत में डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर के बराबर या इससे सस्ते होते हैं। लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाली स्याहियां काफी महंगी होती हैं और इनकी रनिंग कास्ट भी डॉटमैट्रिक्स प्रिंटर से ज्यादा होतीहै।
![]() |
| INKJET PRINTER |
इंकजेट प्रिंटर को यदि आप अपने कंप्यूटर के साथ इंस्टॉल करना चाहते हैं तो कंप्यूटर को बंद करें और उसकी पैरलल पोर्ट से प्रिंटर केबल को जोड़ें और प्रिंटर केबल के दूसरे सिरे को इंकजेट प्रिंटर में बने हुए इंटरफेस से जोड़ दें। चित्र में आप इंटरफेस और उससे जुड़ने वाले केबल के सिरे को देख सकते हैं -
इसके पश्चात आप कंप्यूटर को ऑन करें। जब कंप्यूटर ऑन होगा तो आप तो प्लग-एंड-प्ले की क्षमता TV Star प्रिंटर, मंडिंग और स्केनर Open with Google Docs 356 2+ BPB कंप्यूटर हार्डवेयर कोर्स की वजह से इंकजेट प्रिंटर को खोज लेगा और आपसे इसकी ड्राइवर डिस्क की मांग करेगा। प्रिंटर के साथ आई ड्राइवर डिस्क को आप कंप्यूटर के साथ लगी सीडी-रोम ड्राइव में लगाकर इंस्टॉल कर सकते हैं।
केबल को जोड़े। इसके पश्चात आप कंप्यूटर को ऑन करें। जब कंप्यूटर ऑन होगा तो आप तो प्लग-एंड-प्ले की क्षमता TV Star प्रिंटर, मंडिंग और स्केनर कंप्यूटर हार्डवेयर कोर्स की वजह से इंकजेट प्रिंटर को खोज लेगा और आपसे इसकी ड्राइवर डिस्क की मांग करेगा। प्रिंटर के साथ आई ड्राइवर डिस्क को आप कंप्यूटर के साथ लगी सीडी-रोम ड्राइव में लगाकर इंस्टॉल कर सकते हैं।
इसका ड्राइवर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल होने के साथ ही यह समस्त यूटीलिटी कंप्यूटर में इंस्टॉल हो जाती हैं। जहां से आप इसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
हेड साफ करने के बाद भी यदि अक्षर साफ और स्पष्ट नहीं है तो तो आप इसकी हेड एलाइनमेंट यूटीलिटी के द्वारा हेड को सही तरह से एलाइन कर लें। यदि आपने नई कॉर्टेज डाली है और फिर भी प्रिंटिंग ठीक नहीं आ रही है तो इस बात का ध्यान रखें कि आपने कॉर्टेज को सही तरह से इंस्टॉल किया है या नहीं।
कॉर्टेज के ऊपर लगा पीले रंग शील्ड पेपर अवश्य हटा दें, अन्यथा प्रिंटिंग नहीं होगी। कॉर्टेज बदलते समय कंप्यूटर में इंस्टॉल प्रिंटर सॉफ्टवेयर का ही इस्तेमाल करें और उसके द्वारा बताए गए स्टेप्स को फालो करते हुए ही कॉर्टेज बदलें। जब आप नई कॉर्टेज लगाएंगे तो उसका चार्ज होना आवश्यक है। चार्ज होते समय स्क्रीन पर एक मैसेज आता है।
इंकजेट प्रिंटर से सम्बंधित समस्याये एवं समाधान
चार्जिंग की इस प्रक्रिया के दौरान ही कॉर्टेज दोबारा से ही प्रिंटर में इंस्टॉल होती है और जब यह सही तरह से इंस्टॉल हो जाती है तो उसका संदेश मॉनीटर पर आता है।
यदि किसी कारणवश यह चार्जिंग प्रक्रिया अधूरी रह गई है तो आपका प्रिंटर खराब हो सकता है और उसके द्वारा प्रिंटिंग नहीं हो सकती है। इंकजेट प्रिंटर से ज्यादा दिन तक और अच्छा काम लेने के लिए जरूरी है कि आप उसमें हमेशा ओरिजनल कॉर्टेज का ही प्रयोग करें।
इंकजेट प्रिंटर का हेड गीली स्याही से काम करता है कि इसलिए यह जरूरी है कि आप हफ्ते में एकाध बार जरूर कुछ न कुछ प्रिंट करें लंबे समय तक इसे बंद करके न रखें। इससे स्याही के सूख जाने का खतरा रहता है और ऐसी अवस्था में हो सकता है कि आपको प्रिंटर का हेड ही बदलवाना पड़ें। इंकजेट प्रिंटर को हमेशा ढक कर रखें जिससे कि उसमें गंदगी इत्यादि न जा सकें और वह साफ और स्पष्ट प्रिंटिंग दे सके।
लेज़र प्रिंटर (LASER PRINTER)
लेज़र प्रिंटर का इस्तेमाल डेस्कटॉप पब्लिशिंग जैसे कमर्शियल कार्यों में किया जाता है। कीमत में यह सबसे ज्यादा होता है और इसके रखरखाव का काम भी काफी महंगा होता है। लेज़र प्रिंटर देखने इस तरह का होता है-
![]() |
| LASER PRINTER |
लेज़र प्रिंटर को भी आप अपने कंप्यूटर में उसी जगह पर जोड़ते हैं जहां पर आप इंकजेट और डीएमपी प्रिंटर जोड़ रहे हैं । इसे आप कंप्यूटर में लगी LPT1 अर्थात पैरलल पोर्ट से जोड़ें और दूसरे सिरे को प्रिंटर की इंटरफेस से जोड़ दें । निम्न चित्र में लेज़र प्रिंटर की इंटरफेस को दर्शाया गया है-
इसके बाद आप कंप्यूटर को ऑन करें। ऑन करने के साथ ही आपका कंप्यूटर इसकी ड्राइवर डिस्क मांगेगा। प्रिंटर के साथ आई डिस्क के जरिए इसे इंस्टॉल कर लें।
इसके पश्चात इसका किसी एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के जरिए एक प्रिंट कमांड देकर देखें। यदि यह सही प्रिंटिंग करता है तो इसका अर्थ है कि प्रिंटर आपके कंप्यूटर में ठीक तरह से इंस्टॉल हो गया है। आप इसे कंट्रोल पैनल में दिए हुए ऐड रिमूव हार्डवेयर नामक आइकन के द्वारा भी इंस्टॉल कर सकते हैं।
इसके पश्चात इसका किसी एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के जरिए एक प्रिंट कमांड देकर देखें। यदि यह सही • प्रिंटिंग करता है तो इसका अर्थ है कि प्रिंटर आपके कंप्यूटर में ठीक तरह से इंस्टॉल हो गया है। आप इसे कंट्रोल पैनल में दिए हुए ऐड रिमूव हार्डवेयर नामक आइकन के द्वारा भी इंस्टॉल कर सकते हैं।
लेज़र प्रिंटर से सम्बंधित समस्याये एवं समाधान
टोनर कॉर्टेज का इस्तेमाल बहुत ही सावधानीपूर्वक करना चाहिए क्योंकि इसमें सूखे पाउडर जैसे टोनर भरा होता है और यह पिघल कर कागज पर चिपकता है जिसके फलस्वरूप प्रिंटिंग होती है। जिस समय आप टोनर को निकालें उसको सीधा पकड़े रहें अन्यथा टोनर जलने का डर रहता है। टोनर कॉर्टेज में लगा ड्रम कभी भी हाथ से न छुएं-
जहां तक हो सके रिफिल टोनर का इस्तेमाल न करें। इससे प्रिंटिंग क्वालिटी घटिया हो जाती है। यदि आपके कंप्यूटर द्वारा प्रिंट कमांड देने पर अगर प्रिंटर से फीकी और हल्की प्रिंटिंग आ रही है तो इसका यह कारण हो सकता है कि आपके प्रिंटर में टोनर समाप्त हो गया है। ऐसी अवस्था में आप नया टोनर लगाकर देखें यदि उससे प्रिंटिंग ठीक आती है तो ठीक है।
यदि उससे भी खराब आती है तो आप अपने प्रिंटर का रिफ्लेक्टेड मिरर एक सूती और साफ कपड़े से क्लीन कर लें । रिफ्लेक्टेड मिरर को निम्न चित्र में दर्शाया गया है -
लेजर प्रिंटर के लिए आपको ज्यादा पॉवर का यूपीएस सिस्टम प्रयोग करना पड़ेगा। क्योंकि यह ऑन होते समय काफी ऊर्जा ग्रहण करता है। इसके लिए आपके पास दो किलो वॉट का यूपीएस सिस्टम होना चाहिए।
प्रिंट कमांड देने पर यदि जंक करेक्टर प्रिंट हो रहे हैं तो इसके दो कारण हो सकते हैं या तो प्रिंटर का ड्राइवर करेक्ट हो गया है या कंप्यूटर और प्रिंटर को जोड़ने वाली केबल में कोई फॉल्ट आ गया है। प्रिंटर सही है या नहीं इस बात की जांच करने के लिए प्रिंटर का सेल्फ टेस्ट ले सकते हैं। सेल्फ टेस्ट लेने के लिए आप इसकी रेडी होने वाले बटन को थोड़ी देर तक दबाकर रखें।
इसका सेल्फ टेस्ट निकल आएगा और यदि उसमें अक्षर सही छप रहे हैं तो इसका अर्थ है कि या उसका ड्राइवर खराब है या प्रिंटर केबल खराब हो चुकी है। ऐसी अवस्था में सबसे पहले आप उसकी केबल बदलकर जांच करें और यदि केबल बदलने पर वही परिणाम है तो आप प्रिंटर ड्राइवर को अन-इंस्टॉल करके उसे दोबारा इंस्टॉल करें और फिर कमांड देकर इस बात की जांच करें कि वह ठीक से प्रिंटिंग करता है कि नहीं।
लेजर प्रिंटिंग में प्रिंटिंग का काम एक लेज़र बीम के द्वारा होता है। इसलिए कभी भी लेज़र प्रिंटर को स्वयं न खोलें । कोई बड़ी खराबी आने पर आप इसे हार्डवेयर इंजीनियर को दें ।
लेज़र प्रिंटर को आप कंप्यूटर में जोड़ते समय कंप्यूटर और प्रिंटर दोनों का विद्युत प्रवाह बंद करें। यदि दोनों का विद्युत प्रवाह ऑन है तो लेज़र प्रिंटर या कंप्यूटर के इंटरफेस पोर्ट खराब हो सकती है। लेज़र प्रिंटर में लगी हुए लेज़र लेंस में धूल इत्यादि न जमे इसके लिए आप प्रिंटर को हमेशा ढक कर रखें जैसेकि प्रिंटिंग क्वालिटी लगातार अच्छी आती रहे। यदि आप इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तो आप प्रिंटरों का रखरखाव और उनका प्रयोग आसानी से कर सकेंगे।



.png)








