Friday, May 20, 2022

कंप्यूटर को जानें (know the Computer) - G- Tech Computer

कंप्यूटर को जाने विस्तार से (Computer ko Jane Vistar Se)- G-Tech Computer
Know the Computer

Table of Content

  1. कंप्यूटर क्या है?
  2. कंप्यूटर कितने प्रकार के होता है?
  3. कंप्यूटर की विशेषताये या क्षमताएँ
  4. कंप्यूटर के भाग 
  5. कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर
  6. कंप्यूटर साक्षरता क्यों ?

कम्प्यूटर क्या है ? (What is Computer) 

साधारण तौर पर परिभाषा यह है कि "कम्प्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो अंकगणितीय और तार्किक क्रिया-कलापों (लॉजिकल ऑपरेशन) को सम्पन्न करता है"। दूसरे शब्दों में, कम्प्यूटर को एक ऐसे यन्त्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता है कि प्रयोग निर्देशों की एक सूची के अनुरूप डाटा को व्यवस्थित (manipulate) करने में होता है। 

आज कम्प्यूटर केवल कुछ कार्यों तक ही सीमित नहीं है जैसा कि यह अपने प्रारंभिक समय में या पहले के कम्प्यूटर एक वह कमरे के आकार के होते थे जो आजकल के सैकड़ों पर्सनल कम्प्यूटरों (PC) के बराबर उर्जा का उपयोग करते थे। आजकल कम्प्यूटरों ने विभिन्न प्रकार के रूप और आकार ग्रहण कर लिये है अब कम्प्यूटरों को इतना छोटा बनाया जा सकता है कि उन एक कलाई घड़ी में फिट किया जा सकता है तथा घड़ी की बैटरी से हो चलाया जा सकता है। आजकल पर्सनल तथा पोर्टल कम्प्यूटरों का बाहुल्य है।

 Embedded कम्प्यूटर भी प्रचलित हैं। ये कम्प्यूटर छोटे तथा साधारण यंत्र (मशीन) होते है जो प्रायः अन्य यंत्रों को नियंत्रित (control) करने के लिए प्रयुक्त होते हैं। उदाहरण के लिए इन्हें  हम लड़ाकू विमान से लेकर इण्डस्ट्रियल रोबोट, डिजिटल कैमरा और बच्चों के खिलौनों तक में देख सकते हैं कम्प्यूटर में किसी भी प्रोग्राम को स्टोर एवं एक्सियूट करने की क्षमता होती है जो कम्प्यूटर को अत्यंत सार्वभौमिक (Versatile) बनाते हैं तथा इन कैलकुलेटर से भिन्न बनाते हैं। को भी कम्प्यूटर एक निश्चित एवं न्यूनतम क्षमता के साथ, सिद्धान्ततः (in principle), उन सभी कार्यों को सम्मान कर सकता है जो किसी अन्य कम्प्यूटर द्वारा संपन्न किये जा सकते हैं। इसलिए पर्सनल डिजिटल असिस्टेण्ट से लेकर सुपर कम्प्यूटर तक की समता और जटिलता (Complexity) वाले कम्प्यूटर भी समान संगणनायक (correction) कार्य को सम्पन कर सकते हैं।

कंप्यूटर को जानें (know the Computer)

कंप्यूटर कितने प्रकार के होता है? (Types of Computer)

 सामान्यतः कंप्यूटर चार प्रकार के होते है-
  1. माइक्रो कंप्यूटर (Micro Computer)
  2. मिनी कंप्यूटर (Mini Computer) 
  3. मेनफ़्रेम कंप्यूटर (Mainframe Computer) 
  4. सुपर कंप्यूटर (Super Computer) 

कंप्यूटर की विशेषताएं या क्षमता (Strengths of Computer) 

आजकल कम्प्यूटर की क्षमता (strength) का उल्लेख करना तथा इसकी क्षमताओं को सूचिबद्ध करना अत्यंत आसान है। कोई साधारण आदमी भी इसकी क्षमताओं की गणना कर सकता है।

आइए, तो हम इस प्रश्न का उत्तर जाने कि कम्प्यूटर की मुख्य क्षमताएं क्या हैं ? (What are the chief strengths of computer?)


कम्प्यूटर का उपयोग व्यापक है। यह आज विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न लोगों की सहायता कर रहा है इसके अनुप्रयोगों (applications) को देखते हुए इसकी क्षमताएं और विशेषताये इस प्रकार हो सकती हैं-

1. गति (Speed) - 

  • कम्प्यूटर किसी भी कार्य को बहुत तेजी से कर सकता है। 
  • कम्प्यूटर कुछ ही क्षण में गुणा/भाग या जोड़ घटाना की करोड़ों क्रियाएँ (operations) कर सकता है. यदि आपको 440, 156 का गुणा करना हो तो इसमें आपको लगभग 1 से लेकर 2 मिनट तक का समय लग सकता है। यही कार्य पॉकेट केलकुलेटर से करें तो यह लगभग 5 सेकेण्ट में किया जा सकता है लेकिन एक आधुनिक कम्प्यूटर में ऐसे 30 लाख ऑपरेशन्स एक साथ कुछ ही सेकण्डों (seconds) में कर सकते है।

2. स्वचालन (Automation) - 

कम्प्यूटर अपना कार्य, प्रोग्राम (निर्देशों के एक समूह) के एक बार लोड हो जाने पर स्वत: करता रहता है। 

3. शुद्धता (Accuracy) - 

  • कम्प्यूटर अपना कार्य बिना किसी गलती के करता है। 
  • गणना के दौरान अगर कोई गलती (error) पायी जाती है तो, वह प्रोग्राम या डाटा में मानवीय गलतियों के कारण होती है अगर डाटा और प्रोग्राम सही है तो कम्प्यूटर हमेशा सही परिणाम ही देता है कभी-कभी वायरस के कारण भी कम्प्यूटर में त्रुटियां आ जाती

4. भंडारण क्षमता (Storage Capacity)

भण्डारण शब्द किसी प्रकार के Storage को दिखाता है। कंप्यूटर भण्डारण क्षमता से अभिप्राय कंप्यूटर Data Store Capacity से है। इस क्षमता से यह पता चलता है की किसी कंप्यूटर में कितना डेटा स्टोर किया जाता है। और डाटा स्टोर करने की Capacity को ही हम कंप्यूटर भण्डारण क्षमता कहते है।

5.  बहु-कार्यण (Multitasking)

कंप्यूटिंग में, एक निश्चित समय अवधि में कई कार्यों को एक साथ क्रियान्वित करते हुए पूरा करने की अवधारणा को ‘मल्टीटास्किंग‘ कहते है ।

कंप्यूटर के भाग (Parts of computer)

  1. सीपीयू (CPU) 
  2. मॉनिटर (Monitor) 
  3. माउस (Mouse) 
  4. कीबोर्ड (Keyboard)
  5. यूपीएस (UPS)

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर

सॉफ्टवेयर : सॉफ्टवेयर एक निर्देशों का समूह होता है जो कम्प्यूटर के विशिष्ट कार्य को पूरा करने के लिए आज्ञा या निर्देश देता है। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर को हम देख या छू नहीं सकते।

Exmple of Computer Software  : 

Operating systems (such as Microsoft Windows, Linux, macOS)

हार्डवेयर : हार्डवेयर एक भौतिक तत्व या घटक है जो कंप्यूटर से जुड़े रहते हैं। कम्प्यूटर हार्डवेयर को हम छू व देख सकते हैं।

Examples of computer Hardware :

Computer case (or computer tower), Motherboard, Central processing unit (CPU), Graphics processing unit (GPU), Power supply unit (PSU), Internal disk drive, Optical disk drive, Memory or RAM.


कम्प्यूटर साक्षरता क्यों ? (Why Computer Literacy :) 

कम्प्यूटर जानना आवश्यक क्यों है? क्या यह सिर्फ एक उद्योग को स्थापित करने की कोशिश हैं ? या फिर कम्प्यूटर आज वाकई इतना महत्वपूर्ण बन गया है कि इसको भली-भांति जानना आवश्यक है। इससे पहले कि आप इसका कोई जवाब ढूंढें आप अपने चारों ओर कम्प्यूटर के अनुप्रयोगों (application) पर एक दृष्टि डालें। आप टेलिविजन तो प्रतिदिन देखते होंगे क्या टेलिविजन पर दिखाये जा रहे समाचार तथा अन्य कार्यक्रम कम्प्यूटर के बगैर इतना उत्कृष्ट रूप में मुमकिन हैं बिल्कुल नहीं। टेलिविजन स्टूडियो में कम्प्यूटरीकृत ग्राफिक्स तथा उच्च स्तरीय (high level) कम्प्यूटर नियंत्रित प्रकाश तंत्र का प्रयोग होता है। इसके अतिरिक्त घटनाओं के सीधे प्रसारण एवं और बहुत सारी गतिविधियों में कम्प्यूटर का प्रयोग अनिवार्य बन गया है। क्या आपने कभी मौसम समाचार पर गौर किया है? किस प्रकार आपको मौसम की भविष्यवाणी बतायी जाती है? मौसम विभाग इसके लिए व्यापक कम्प्यूटर नेटवर्क का प्रयोग करने के अलावा उपग्रह में जुड़े हुए Computer forecast system का प्रयोग करते हैं।

 क्या आपने बाइक या कार में कम्प्यूटर को उपयोगिता पर ध्यान दिया है। बाइक या कार की ईधन प्रणाली (fuel system) कम्प्यूटर पर ही नियंत्रित (control) होता है। क्या आपने सड़क पर चलते समय या गाड़ी पर चलते हुए यातायात प्रणाली (traffic system) पर ध्यान दिया है ? Traffic Light system पूरा-पूरा कम्यूटर द्वारा संचालित होता है। विकसित देशों में तो पूरा यातायात तंत्र (traffic system) ही कंप्यूटर पूरा नियंत्रित होता है। क्या आपने बैंकिंग सिस्टम में कम्प्यूटर की उपयोगिता पर ध्यान दिया है आज पूरे बैंकिंग सिस्टम का आधार कम्प्यूटर है। ऑटोमेटेड टेलर मशीन स्वयं में पूरा कम्प्यूटर की है। क्या आप कोई ऐसा क्षेत्र सोच सकते हैं, जहाँ कम्प्यूटर का प्रयोग न हो रहा हो । कम्प्यूटर हवाई जहाज को उतरने में, चिकित्सा में, दूरभाष प्रणाली में, शिक्षण में रिश्तों को बनाये रखने में वित्त व्यवस्थित रखने में, शोध करने में मनोरंजन करने में और इसी तरह के अनेक कामों हमारी सहायता करता है

अब आप बताइए कि क्या कम्प्यूटर साक्षर होना आपके लिए आवश्यक है । इसके बाद कोई भी बुद्धिमान व्यक्ति का जवाब शायद ही न हो। अब कम्प्यूटर साक्षरता उतना ही जरूरी है जितना पड़ना लिखना सीखना आवश्यक है। कम्प्यूटर आज रोजगार पाने का सबसे महत्त्वपूर्ण कारक है।

यदि आप व्यापार कर रहे हैं जो कम्प्यूटर को जानना व्यापार के दाव पेंच (Details & Secrets) जानने के बराबर महत्त्वपूर्ण है। आज कम्प्यूटर सूचना तंत्र (Information System) का आधार है और सूचना (information) कामयाबी का स्रोत है। आप अपने आपको जितना अधिक अपडेट रखते हैं, उतनी अधिक तेजी के साथ कामयाबी की ओर बढ़ते हैं। कम्प्यूटर आज निर्णय लेने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आप किसी व्यापार के प्रबंधक है और आप कोई महत्त्वपूर्ण निर्णय लेना चाहते हैं तो आज आपके पास निर्णय लेने के लिए केवल एक दिमाग नहीं, बल्कि विश्व के सबसे अच्छे दिमागों का संकलन (collection) कम्प्यूटर की सहायता से उपलब्ध होता है। इस तंत्र को Experts System कहते हैं। प्रबंधन में कम्प्यूटर ने प्रबंधन सूचना तंत्र (Management Information System) को जन्म दिया है जो आज प्रबंधकों के लिए जानना बिल्कुल आवश्यक है। 

आज विद्यार्थी से लेकर किसान, चिकित्सक, व्यापारी, विशेषज्ञ, लेखक, वैज्ञानिक सभी के लिए कम्यूटर साक्षरता के बगैर उनका ज्ञान संभवतः अधूरा है। कम्प्यूटर जागृति एक व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत कारणों से भी बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने रीडर्स डाइजेस्ट के कुछ साल पहले के संस्करण में एक सच्ची कहानी पढ़ी थी। उसमें एक बच्चे को ऐसी बीमारी थी जो लाइलाज थी, परन्तु उस बच्चे की माँ ने हिम्मत नहीं हारी और इण्टरनेट की सहायता से बीमारी पर स्वयं शोध किया और उस शोध के आधार पर एक विरोध सम्मिश्रण वाली दवा बनायी। फिर इण्टरनेट के माध्यम से ही उसने उस विशेष सम्मिश्रण वाली दवा किसी दवा कम्पनी द्वारा बनवायी और इस प्रकार उसने अपने बच्चे की जान बचायी। कम्प्यूटर साक्षरता के कारण ही वह माँ अपने बच्चे की जान बचा सकी। 




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